!! ॐ !!


Saturday, October 15, 2011

!! नयनों से दूर न होना, न होना, मेरे प्राण प्यारे... !!


निर्मल मन से, सजल नयन से, माँगू यही वरदान...
इन अँखियो से दूर न होना, मेरे प्रियतम श्याम...


हे! प्यारे श्यामसुन्दर... हे मेरे गोविन्द...



नयनों से दूर न होना, न होना मेरे श्याम प्यारे...
नयनों से दूर न होना, न होना मेरे प्राण प्यारे...



श्याम पियारे, प्राण हमारे...
श्याम पियारे, प्राण हमारे...
नयनों से दूर न होना, न होना मेरे प्राण प्यारे...
नयनों से दूर न होना, न होना मेरे श्याम प्यारे...



जग से हारा, बालक तुम्हारा...
तेरी शरण में पड़ा है बिचारा...
दया की नजर अब करो न, करो न, मेरे श्याम प्यारे...
दया की नजर अब करो न, करो न, मेरे प्राण प्यारे...



आस दरश की कब से लगी है...
बड़ी छोटी सी मेरी जिंदगी है...
टूट न जाये खिलौना, खिलौना, मेरे श्याम प्यारे...
टूट न जाये खिलौना, खिलौना, मेरे प्राण प्यारे...



पाप किया है, मैंने भारी...
फिर भी सुध प्रभु ले लो हमारी...
गलती को मेरी गिनो न, गिनो न, मेरे श्याम प्यारे...
गलती को मेरी गिनो न, गिनो न, मेरे प्राण प्यारे...



दर्शन तेरा, पाकर रहेंगे...
दिल की व्यथाये सारी, तुझसे कहेंगे...
बालक की अरज सुनो न, सुनो न, मेरे श्याम प्यारे...
बालक की अरज सुनो न, सुनो न, मेरे प्राण प्यारे...



श्याम पियारे, प्राण हमारे...
श्याम पियारे, प्राण हमारे...
नयनों से दूर न होना, न होना मेरे प्राण प्यारे...
नयनों से दूर न होना, न होना मेरे श्याम प्यारे...



नयनों से दूर न होना, न होना मेरे श्याम प्यारे...
नयनों से दूर न होना, न होना मेरे प्राण प्यारे...



!! जय जय प्यारे श्यामसुन्दर जी की !!
!! जय जय प्यारे श्यामसुन्दर जी की !!
!! जय जय प्यारे श्यामसुन्दर जी की !!


1 comment:

  1. बहुत सुन्दर प्रार्थना।

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